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मुश्किलों के डर को गले लगाए

कर गुजरे कुछ ऐसा  कि जमाना देखते रहे …….
सफलता कि चाह में असफलता को हराते रहे……


मुश्किलों के डर को गले लगाने से मतलब है, आपके अन्दर असफल होने का डर | हम किसी काम को करने से पहले ही सोचने लगते है कि ये काम करने से मेरी इज्जत को नुकसान पहुचेगा या फिर ये काम में, अगर असफल हो गया तो  मेरे अन्दर कि प्रतिभा कम हो जायेगी,  मै टूट जाऊँगा अनादि बातें | लेकिन ऐसा कुछ नहीं है, जबतक आप अपने अन्दर असफल होने के डर पर विजय प्राप्त नहीं करेंगे / उसे पराजित नहीं करेंगे, तबतक आपके अन्दर सफल का आगमन नहीं हो सकता है | सीधी सी बात है… अगर आप असफलता को जीत लिए.. मतलब सफलता को प्राप्त कर लिए | जब हमारे मन में असफल रहेगा ही नहीं तो फिर क्या बचेगा.. सफल | इसीलिए आप अपने जिस मंजिल तक पहुचना चाहते है उसके रास्ते में जो आपको असफल होने का संकेत दे रहा है सबसे पहले उसे ही पराजित करे | ऐसे ही धीरे-धीरे असफल को पराजित करते रहे तो आपके राह में और जिन्दगी में सिर्फ और सिर्फ सफलता ही रह जायेगी | अंत में सिर्फ इतना ही कहना चाहता हूँ…

नहीं रुकते है हम, छोटे-बड़े मुश्किलों से ……
लगाते है गले हम, इनको अपने दिलो से ……



Written By :- ADITYA CHAURASIA





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